हाल ही में जापान में एक 6.9 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके बाद त्सुनामी एडवाइजरी जारी की गई। इस घटनाक्रम को समझने के लिए यह जरूरी है कि हम “रिंग ऑफ फायर” के बारे में जानें, जो भूकंप और ज्वालामुखियों की गतिविधियों का मुख्य कारण है। इस ब्लॉग में हम रिंग ऑफ फायर, जापान में इसके प्रभाव और त्सुनामी से जुड़ी संभावनाओं पर चर्चा करेंगे।
रिंग ऑफ फायर क्या है?
रिंग ऑफ फायर एक विशाल भूकंपीय क्षेत्र है जो प्रशांत महासागर के चारों ओर फैला हुआ है। यह क्षेत्र भूकंप और ज्वालामुखियों की गतिविधियों के लिए जाना जाता है। इसमें लगभग 75% विश्व के सक्रिय ज्वालामुखी और 90% भूकंपों का केंद्र होता है। जापान, इंडोनेशिया, फिलीपींस, अमेरिका के पश्चिमी तट और अन्य कई देशों का हिस्सा होने के कारण, जापान को इस क्षेत्र में आने वाली प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है।
जापान में रिंग ऑफ फायर का प्रभाव
जापान रिंग ऑफ फायर के सबसे प्रमुख हिस्सों में से एक है। यहाँ पर लगातार भूकंप आते रहते हैं, और कभी-कभी इन भूकंपों के कारण त्सुनामी का खतरा भी उत्पन्न हो सकता है। जापान का भूकंपीय क्षेत्र सक्रिय होने के कारण, इस देश में प्राकृतिक आपदाओं से बचने के लिए विशेष कदम उठाए जाते हैं।
भूकंप और त्सुनामी का संबंध
जब समुद्र के नीचे भूकंप आता है, तो यह समुद्र की सतह को हिलाकर त्सुनामी का कारण बन सकता है। त्सुनामी एक शक्तिशाली समुद्री लहर होती है, जो तटवर्ती इलाकों को नुकसान पहुंचा सकती है। रिंग ऑफ फायर में भूकंपों की अधिकता के कारण जापान में त्सुनामी का खतरा भी बढ़ जाता है, जिससे लोग हमेशा तैयार रहते हैं।